VRS Full Form क्या है: वीआरएस की पूरी जानकारी हिंदी में

VRS Full Form & Meaning in Hindi: भारत में कोई भी सरकारी या प्राइवेट कर्मचारी हो उसके लिए वीआरएस के बारे में जानना बहुत जरुरी होता है। दोस्तों किसी भी कर्मचारी की एक रिटायरमेंट उम्र होती है जिसके बाद वो अपनी नौकरी से रिटायरमेंट ले लेता है। आम तौर पर अधिकतर नौकरियों की ये उम्र सीमा 60 साल होती है। हालाँकि कुछ जॉब्स में ये उम्र सीमा कम या ज्यादा भी हो सकती है। VRS एक ऐसा नियम है जिसके अंतर्गत सरकारी या प्राइवेट संस्थान उस निर्धारित Retirement Age से पहले ही कर्मचारियों को रिटायर कर सकती है।

वीआरएस के अंतर्गत कंपनियों के अलावा अधिकारी भी अपनी इच्छा से समय से पहले रिटायरमेंट ले सकते है जिसके लिए उन्हें कोई उपयुक्त कारण देना होता है। VRS के कुछ नियम होते है जिसके अनुसार ही इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। वीआरएस क्या होता है। रिटायरमेंट लेने के लिए इस नियम को कब और कैसे इस्तेमाल कर सकते है। इसके नियम, फायदे, नुकसान और VRS से जुडी सभी अहम जानकारी आगे हम आपको देंगे, इसलिए इस लेख को पूरा पढ़े।

वीआरएस क्या है: VRS Full Form & Meaning in Hindi

VRS Full Form & Meaning in Hindi वीआरएस
VRS Full Form

औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के अनुसार कोई भी संस्थान अपने स्टाफ से अतिरिक्त कर्मचारियों को हटा नहीं सकती है। कंपनी द्वारा की गयी किसी भी ऐसे छटनी या स्टाफ कटौती का विरोध ट्रेड यूनियन द्वारा किया जाता जाता था। इस समस्या का समाधान करने के लिए VRS को बनाया गया जो कानूनन इस समस्या का समाधान कर सकती है। वीआरएस के जरिए सरकारी या प्राइवेट कंपनिया कुछ नियमो के अंतर्गत कर्मचारियों की छटनी या समय से पहले रिटायर कर सकती है।

VRS को Golden Handshake के नाम से जाना जाता है। इस नियम के जरिए केवल पुराने कर्मचारियों को ही हटाया जा सकता है। ये वीआरएस का एक मुख्य नियम है। इसके अलावा भी कई और नियम है जिनके बारे में हम आगे बात करेंगे। बिज़नस में मंदी आना, व्यापार में कम्पटीशन बढ़ जाना कुछ ऐसे स्थिति है जब संस्थान पुराने कर्मचारियों को रिटायर कर सकते है।

2019 में भारतीय सरकारी दूरसंचार ऑपरेटर बीएसएनएल ने एक अन्य टेलीकॉम कंपनी एमटीएनएल से विलय किया था जिसके बाद वीआरएस की घोषणा कर दी। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उस समय 90 हजार से अधिक BSNL Staff ने वीआरएस का विकल्प चुना था।

VRS Full Form in English Hindi

VRS की Full Form है Voluntary Retirement Scheme. हिंदी में वीआरएस का पूरा नाम यानी फुल फॉर्म है स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना। आपके इसके पूरे नाम से ही अंदाज़ा लगा सकते है ये योजना रिटायरमेंट से संबधित है। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का मतलब अपनी मर्जी से रिटायरमेंट लेना। इस योजना के अनुसार संस्थानों के अलावा कर्मचारी भी स्वास्थ्य या किसी अन्य कारण से समय से पहले रिटायर हो सकते है।

समय से पहले रिटायर होने के कुछ फायदे है तो इसके कुछ नुकसान भी है। उदहारण के लिए सेवानिवृत्ति के बाद कमर्चारी को जितने पैसे मिलते है वो समय से पहले रिटायर होने पर नहीं मिलते। वीआरएस योजना के अन्य लाभ और नुकसान आप नीचे जानेंगे।

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वीआरएस लागू करने के नियम

  • संस्थानों के बिज़नेस में मंदी आने की अवस्था में ये स्कीम लागू की जा सकती है।
  • व्यापार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण नुकसान होते रहने की अवस्था।
  • कंपनी के विस्तार या फिर विलय की अवस्था में यह नियम लागू किया जा सकता है।
  • किसी दूसरी विदेशी कंपनी के साथ जुड़ने की अवस्था।
  • कर्मचारी को नौकरी करते 20 साल से अधिक होने चाहिए। नए कर्मचारी पर वीआरएस लागू नहीं किया जा सकता।
  • वही कर्मचारी इस योजना का लाभ ले सकते है जिनकी आयु 40 साल से अधिक हो गयी हो।

Voluntary Retirement Scheme के फायदे

  • जो कर्मचारी बीमार है और नौकरी कर पाने में असमर्थ है उनके लिए वीआरएस काफी मददगार हो सकता है जिसके जरिये वो समय से पहले अपनी इच्छा से रिटायरमेंट ले सकते है।
  • इस योजना के जरिये जब कोई कर्मचारी रिटायरमेंट लेता है तो उसे अपनी पूरी बकाया राशि और दूसरे लाभ मिलते है जिनका इस्तेमाल वो अपने व्यक्तिगत कामो या फिर अपना कोई बिज़नस शुरू करने में कर सकता है।
  • Voluntary Retirement Scheme (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना) जैसा की इसके नाम से ही पता चलता है कि यह योजना स्वैच्छिक है। तो कोई भी कर्मचारी को समय से पहले रिटायर होने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। ये पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होती है।
  • Industrial Disputes Act, 1947 जो भी कंपनी VRS का इस्तेमाल करती है उसे इस एक्ट के सभी नियमो का पालन करना होगा। जिसमे कर्मचारियों को पारदर्शिता और निष्पक्ष सेटलमेंट की गारंटी मिलती है।

Voluntary Retirement Scheme के नुकसान

वीआरएस के जरिए समय से पहले रिटायरमेंट लेने के फायदे के अलावा कुछ नुकसान भी होते है। पहला नुकसान तो ये है की VRS से जब रिटायरमेंट ली जाती है तो जो राशि मिलती है वो समय पर मिली रिटायरमेंट से कम होती है। दूसरा नुकसान पेंशन का होता है जो इसमें नहीं मिल पाती। जो प्राइवेट या सरकारी संस्थान अपनी किसी कर्मचारी को इस योजना तहत हटाती है उसका भी एक अनुभवी कर्मचारी खोने के नुकसान होता है।

दोस्तों आज आपने जाना VRS Full Form: वीआरएस के नियम, फायदे, नुकसान क्या है? अगर अभी भी आपका कोई सवाल है वीआरएस से संबधित तो कमेंट्स में लिखकर हमसे पूछ सकते है।

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