NPA Full Form & Meaning क्या है बैंकिंग लोन एनपीए की जानकारी

NPA Full Form & Meaning: एनपीए क्या होता है बैंकिंग और लोन से इसका संबंध क्या है? ये कुछ बेसिक सवाल है जो NPA के बारे में काफी खोजे जाते है। IAS, IPS जैसे बड़े सरकारी पदों के लिए लिए जाने वाले UPSC Exam में भी इससे जुड़े सवाल अक्सर पूछे जाते है। आपने अगर बैंक से कोई लोन लिया है या फिर किसी एग्जाम की तैयारी कर रहे है तो भी आपको NPA के बारे में जानना जरुरी बन जाता है। इस लेख में हम आपको इसकी फुल फॉर्म, इसका अर्थ और लोन कब एनपीए बन जाता है ऐसी सभी जानकारी देंगे।

आज के महंगाई और प्रतिसपर्धा के दौर में बैंक से लोन लेना एक जरुरत बन गया है। भारत में आम आदमी के अलावा बड़ी कंपनिया भी अपने बिज़नस के लिए लोन लेती है। लोन लेने के लिए बैंक में गारंटी के लिए कोई संपति दिखानी पड़ती है। जब कोई समय पर लोन नहीं भरता तो एक निश्चित समय के बाद वो लोन NPA बन जाता है। इस बारे में डिटेल में हम आगे बात करेंगे, इसलिए इस आर्टिकल को अंत तक पूरा पढ़े।

एनपीए क्या है: NPA Full Form & Meaning in Hindi

एनपीए क्या है NPA Full Form & Meaning in Hindi
NPA Full Form

जब कोई व्यक्ति या कंपनी बैंक से कर्ज लेती है तो उस लोन की गारंटी के लिए प्रॉपर्टी बैंक में सबमिट की जाती है। Asset एक ऐसी प्रॉपर्टी या बिज़नस होता है जिससे कमाई होती है। लोन के मामले में बैंक के लिए लोन Asset होता है।

जब कर्जदार उस लोन को समय पर नहीं दे पाटा या फिर उसकी कई Loan EMI समय पर नहीं दे पाता तो वो Loan Asset बैंक के लिए Non Performing Asset (NPA) बन जाता है।

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के अनुसार जब कोई लोन 90 दिन से ज्यादा समय तक भरा नहीं जाता तब वो एनपीए बन जाता है। सरल भाषा में समझा जाए तो जब किसी लोन की ईएमआई हम लगातार लम्बे समय तक नहीं भरते तो बैंक के लिए उस Asset से कमाई होनी बंद हो जाती है और वो NPA बन जाता है।

NPA Full Form: एनपीए फुल फॉर्म

  • NPA Full Form: Non Performing Asset
  • एनपीए फुल फॉर्म हिंदी में: गैर-निष्पादित संपत्ति (ऐसी संपति जिससे कमाई नहीं होती)

एनपीए के प्रकार: Type of NPA in Hindi

कर्जदार कितने समय तक लोन की अदायगी नहीं करता इस आधार पर 3 तरह के NPA (non-performing assets) निर्धारित किये गए है। जो नीचे दिए गए है।

1. Sub Standard Assets

जब लोन के एनपीए बनने के अवधि 12 महीने या उससे कम होती है तो उन्हें Sub Standard Assets माना जाता है। इसका मतलब है जब ऋण लेने वाला NPA हुए लोन को 1 साल के अंदर ही भर देता है तो इस श्रेणी में आते है।

2. Doubtful Assets

Doubtful Assets ऐसी संपति होती है जिसे NPA बने 12 महीने से अधिक समय हो गया होता है। ऐसा लोन जिसे भरे 12 महीने से अधिक समय बिना EMI भरे हो गया होता है पर कर्जदार ये भी कहता है की वो क़र्ज़ अदा करेगा तो वो Doubtful Assets की केटेगरी में आता है।

3. Loss Assets

ऐसी संपत्ति जिसकी भरपाई बैंक या लेनदार ना कर पाया हो तो वो Loss Assets कहलाता है। ये लोन बैंक के लिए लोस बन जाता है। हालाँकि अब भी रिकवरी के लिए थोड़ी बहुत भरपाई उस लोन की हो सकती है क्योंकि ऐसी संपति को पूरी तरह ही राईट ऑफ नहीं किया जाता।

कोई Loan कब NPA बन जाता है

एनपीए से संबधित एक आम सवाल जो सबसे अधिक पूछा जाता है वो है कोई भी Loan कब NPA बन जाता है? जब बैंक से कोई लोन लेता है तो बैंक उस लोन को अदा करने का एक निश्चित समय देता है। जब लोन की किश्त 3 महीने से अधिक समय तक नहीं दी जाती तो बैंक उस Loan को NPA घोषित कर देता है।

ऐसा लोन बैंक के लिए Non Performing Asset (Full Form of NPA) बन जाता है यानी ऐसा Asset जिससे बैंक की कोई भी कमाई होनी बंद हो गयी है। लम्बे समय तक जब किसी NPA का भुगतान नहीं होता तो बैंक उसे अपनी बैलेंस शीट में दर्ज कर देता है।

उदहारण के लिए अगर आप बैंक से कार खरीदने के लिए एक 3 लाख का एक लोन लेता है जो आपको 3 साल में चुकाना है। ऐसे ऋण की अवधि चुनने का विकल्प देनदार को मिलता है।

अब इस 3 लाख के लोन पर ब्याज जोड़कर उसे 3 साल (36 महीने) किस्तों में बाँट दिया जाता है। अब आपको हर महीने उस लोन को चुकाने के लिए EMI देनी होती है।

जब आप इस लोन की लगातार 3 EMI नहीं भरते है 3 EMIs मतलब 90 दिन तक आपने कोई किश्त आपने बैंक को नहीं दी। जिसके बाद आपका लोन एनपीए बन जाता है। ऋण के एनपीए बनने के बाद बैंक देनदार को नोटिस भेजना शुरू कर देता है जिसमे लोन भरने को कहाँ जाता है।

बैंक के पास लोन को रिकवर करने के कई अधिकार होते है। जिस संपति के लिए लोन लिया गया है उस संपति को बैंक जप्त कर सकता है। इसके अलावा बैंक देनदार को लोन सेटल करने के लिए कुछ छुट भी दी जा सकती है।

दोस्तों तो आज अपने जाना NPA Full Form & Meaning in Hindi: बैंकिंग लोन एनपीए क्या है? हमें उम्मीद है आपको NPA से जुडी जानकारी मिल गयी होगी। अगर अब भी आपके कोई सवाल है तो कमेंट्स में लिखकर हमसे पूछे।

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